छत्तीसगढ़ की रहस्यमय खोज

छत्तीसगढ़ रहस्य और रोमांच से भरा हुआ है। छत्तीसगढ़ अनेक रहस्यों को जन्म देती है इन रहस्यों का खोज कर रहस्योद्घाटन करने का सतत प्रयास इस कृति की मौलिकता है। अंचल की पुरातात्विक वैभव इतनी अधिक रोमांचकारी है कि पर्यटक अचंभित होकर दाँतों तले ऊँगली दबा लेते है, छत्तीसगढ़ विभिन्न राजवंशों की अनुपम कलाकृतियां उनकी पुरातात्विक धरोहरों के रूप में आज भी विद्यमान है। जैसे ताला की अद्भूत प्रतिमा और सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर एवं उत्खनन से निकले मूर्तिकला, शिल्पकला, धातुकला आदि अनूठी कृतियाँ हैं। यही नहीं छत्तीसगढ़ में महापाषाण कालीन अवशेष भी मिले है तथा यहाँ की पहाड़ियों में मिले शैलचित्र मानव के विकास की गाथा कहते हैं। छत्तीसगढ़ में शैव, वैष्णव, जैन, बौद्ध आदि की अनेक दुर्लभ प्रतिमाएँ मिली है, जो मूर्तिकला के दृष्टिकोण से अनुपम कलाकृतियाँ हैं। इस कृति में ऐसे मंदिरों की खोज की गई है, जो सदियों जलप्लावित रहे हैं। इसी प्रकार सिरपुर की मूर्तिशिल्प में विदेशी प्रभाव की मूर्तिशिल्प छत्तीसगढ़ में जैन धरोहर बकेला एवं ऋषभतीर्थ की खोज छत्तीसगढ़ में नदी बंदरगाह से व्यापार होने की रहस्यमय खोज में रोम के सिक्के छत्तीसगढ़ में मिलने से रोम (इटली) तक छत्तीसगढ़ के व्यापारिक संबंध आदि रहस्यमय खोज इस कृति की उपलब्धि हैं। यहाँ के शैलचित्रों में बनमानुष, कंगारू तथा मत्स्यकन्या का भी दुर्लभ चित्रण मिलता हैं। इन सब का विवरण इस कृति की उपादेयता हैं। यह कृति शोधार्थियों एवं पुराविदों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।

प्रकाशक - बी.आर. पब्लिशिंग कार्पोरेशन नई दिल्ली - प्रथम संस्करण वर्ष 2014
मूल्य - 1250/- आई.एस.बी.एन. 9789350501535
लेखक - डॉ. हेमू यदु, एल.आई.जी.-20,शैलेन्द्र नगर रायपुर छत्तीसगढ़ मो.- 094252-12537



 

 

 

 
 
© 2010 Discover Chhattisgarh. All rights reserved.
Please read our Terms of Use and Privacy Policy.