पर्यटन में देव मंदिर :-

भारत पर्यटको का देश है, मंदिर इसकी आत्मा है। प्रतिदिन देवदर्शन मानव का स्वभाव है। पर्यटक/श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश कर मुख्य प्रतिमा का जो गर्भगृह में स्थापित है उसका दर्शन करना एवं उसकी ही जानकारी प्राप्त करना उसका ध्येय होता है, किन्तु उस मंदिर परिसर में अन्य शिल्पांकित मूर्तियों के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं होती। हमारी इस कृति का उद्देश्य उन प्रतिमाओं के बारे में जानकारी देना है जो मंदिर परिसर में स्थापित अथवा शिल्पांकित है।

भारत सर्व धर्म सम्भाव राष्ट्र होने के कारण धर्मनिरपेक्ष कहा जाता है। यहाँ शैव, वैष्णव, शाक्त, जैन एवं बौद्ध धर्म के मंदिर एक ही स्थान में मिलते है। पर्यटक इन सभी मंदिरों में दर्शन हेतु जाता हैं। उन्हे मंदिरों में मुख्य प्रतिमा के अतिरिक्त अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का भी शिल्पांकन मंदिर परिसर में देखने को मिलता है। इस कृति में उन प्रतिमाओं के संबंध में प्रतिमा वैज्ञानिक आधार पर विवरण संकलित कर प्रतिमाओ की पहचान की गयी है। ताकि पर्यटक एवं जनसामान्य व श्रद्धालुगण आसानी से इन प्रतिमाओं की पहचान कर उसके बारे में जानकारी हो सके। इस कृति में भारत के प्रमुख मंदिरों को सम्मिलित करते हुये सारगर्भित विवरण दिया गया है, यह कृति भारतीय मंदिरों के दर्शन हेतु आगन्तुक पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को ध्यान में रखकर लेख किया गया हैं। इस कृति में सांस्कृतिक एवं धार्मिक मंदिरों एवं तीर्थों का समावेश है, जो पर्यटको, श्रद्धालुओं एवं जन सामान्य के लिये उपयोगी सिद्ध होगा।

प्रकाशक - बी.आर. पब्लिशिंग कार्पोरेशन नई दिल्ली - प्रथम संस्करण वर्ष 2014
मूल्य - 2000/- आई.एस.बी.एन. 9789350501559
लेखक - डॉ. हेमू यदु, एल.आई.जी.-20,शैलेन्द्र नगर रायपुर छत्तीसगढ़ मो.- 094252-12537



 

 

 

 
 
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